"200 साल पहले एक झटके में गायब हो गया राजस्थान का ये गांव, रात छोड़ो यहां दिन में भी जाने से डरते हैं लोग"
200 साल पहले एक झटके में गायब हो गया राजस्थान का ये गांव, रात छोड़ो यहां दिन में भी जाने से डरते हैं लोग" राजस्थान के जैसलमेर से करीब 17-18 किलोमीटर दूर, थार रेगिस्तान की रेत में एक ऐसा गांव बसा है जिसकी कहानी सुनकर रूह कांप जाती है। नाम है कुलधरा। सदियों पहले यह एक समृद्ध और खुशहाल बस्ती थी, लेकिन आज यहां सिर्फ खंडहर, सन्नाटा और एक रहस्यमयी श्राप की गूंज बाकी है। "कुलधरा की स्थापना कैसे हुई? इतिहासकारों के अनुसार कुलधरा की स्थापना करीब 13वीं शताब्दी में पालीवाल ब्राह्मणों ने की थी। ये लोग खेती-बाड़ी, जल प्रबंधन और व्यापार में बेहद कुशल माने जाते थे। रेगिस्तान जैसी कठिन जगह पर भी उन्होंने खेतों को हरा-भरा बना दिया था। धीरे-धीरे इस इलाके में कुलधरा जैसे करीब 84 गांव बस गए, और पूरा क्षेत्र समृद्धि और वैदिक ज्ञान का केंद्र बन गया। वो रात जब पूरा गांव गायब हो गया:- 19वीं सदी की शुरुआत में, यानी करीब 1825 के आसपास, कुलधरा और आसपास के सभी गांव एक ही रात में पूरी तरह खाली हो गए। हजारों लोग रातों-रात अपने घर, खेत, संपत्ति सब कुछ छोड़कर अंधेरे में कहीं गायब हो गए, और फिर कभी वापस नहीं...