200 साल पहले एक झटके में गायब हो गया राजस्थान का ये गांव, रात छोड़ो यहां दिन में भी जाने से डरते हैं लोग" राजस्थान के जैसलमेर से करीब 17-18 किलोमीटर दूर, थार रेगिस्तान की रेत में एक ऐसा गांव बसा है जिसकी कहानी सुनकर रूह कांप जाती है। नाम है कुलधरा। सदियों पहले यह एक समृद्ध और खुशहाल बस्ती थी, लेकिन आज यहां सिर्फ खंडहर, सन्नाटा और एक रहस्यमयी श्राप की गूंज बाकी है। "कुलधरा की स्थापना कैसे हुई? इतिहासकारों के अनुसार कुलधरा की स्थापना करीब 13वीं शताब्दी में पालीवाल ब्राह्मणों ने की थी। ये लोग खेती-बाड़ी, जल प्रबंधन और व्यापार में बेहद कुशल माने जाते थे। रेगिस्तान जैसी कठिन जगह पर भी उन्होंने खेतों को हरा-भरा बना दिया था। धीरे-धीरे इस इलाके में कुलधरा जैसे करीब 84 गांव बस गए, और पूरा क्षेत्र समृद्धि और वैदिक ज्ञान का केंद्र बन गया। वो रात जब पूरा गांव गायब हो गया:- 19वीं सदी की शुरुआत में, यानी करीब 1825 के आसपास, कुलधरा और आसपास के सभी गांव एक ही रात में पूरी तरह खाली हो गए। हजारों लोग रातों-रात अपने घर, खेत, संपत्ति सब कुछ छोड़कर अंधेरे में कहीं गायब हो गए, और फिर कभी वापस नहीं...
Surat Rain News 2026: सूरत में बाढ़ जैसी स्थिति क्यों बनी? पूरी जानकारी हिंदी में:- गुजरात के सूरत शहर में हो रही तेज़ बारिश का क्या कारण है? जानिए पूरा वैज्ञानिक कारण, प्रभाव और बचाव के उपाय परिचय:- गुजरात का सूरत शहर भारत के सबसे तेज़ी से विकसित होने वाले औद्योगिक और व्यापारिक शहरों में से एक है। लेकिन वर्ष 2026 के मानसून में सूरत ने ऐसी भारी बारिश देखी जिसने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया। कई क्षेत्रों में जलभराव, सड़कें बंद, यातायात बाधित और तापी नदी का जलस्तर बढ़ने जैसी स्थितियाँ देखने को मिलीं। आखिर सूरत में इतनी तेज़ बारिश क्यों हो रही है? क्या इसके पीछे केवल मानसून जिम्मेदार है या जलवायु परिवर्तन भी एक बड़ा कारण है? इस लेख में हम इन सभी सवालों के वैज्ञानिक और आसान भाषा में उत्तर जानेंगे। सूरत में तेज़ बारिश के मुख्य कारण:- 1. दक्षिण-पश्चिम मानसून का पूरी तरह सक्रिय होना हर वर्ष जून से सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत में वर्षा लाता है। इस बार मानसून गुजरात में सामान्य से अधिक सक्रिय रहा, जिसके कारण सूरत सहित दक्षिण गुजरात के कई जिलों में लगातार भारी वर्षा हुई। 2. अरब...