हिमालय क्या है और यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है? परिचय:- भारत के उत्तरी छोर पर एक ऐसी पर्वत श्रृंखला खड़ी है जो न सिर्फ दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों का घर है, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं हिमालय की। संस्कृत में "हिम" यानी बर्फ और "आलय" यानी घर — यानी हिमालय का शाब्दिक अर्थ है "बर्फ का घर"। यह विशाल पर्वतमाला करीब 2,400 किलोमीटर लंबी है और भारत, नेपाल, भूटान, चीन (तिब्बत) और पाकिस्तान जैसे पांच देशों में फैली हुई है। लेकिन हिमालय सिर्फ एक भौगोलिक संरचना भर नहीं है। यह भारतीय उपमहाद्वीप की जलवायु, जल आपूर्ति, कृषि, अर्थव्यवस्था और संस्कृति की रीढ़ है। अगर हिमालय न होता, तो शायद भारत का भूगोल, मौसम और यहां तक कि इतिहास भी बिल्कुल अलग होता। आइए विस्तार से समझते हैं कि हिमालय आखिर है क्या, यह कैसे बना, इसके कितने हिस्से हैं और यह हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है। ## हिमालय का निर्माण कैसे हुआ ? हिमालय की कहानी शुरू होती है आज से लगभग 5 करोड़ साल पहले। उस समय भारतीय भूभाग एक अलग टेक्टोनिक प्ले...
नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने हिमालयी क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी है। नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि कई भारतीय नागरिक नेपाल और मानसरोवर यात्रा के दौरान प्रभावित क्षेत्र में मौजूद थे। भारतीय अधिकारियों और नेपाल में भारतीय दूतावास की ओर से प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। आज 28 अगस्त 2026 को नेपाल फ्लैश फ्लड की स्थिति लगातार चर्चा में है। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों और लापता लोगों की संख्या में लगातार बदलाव की जानकारी सामने आ रही है, इसलिए आंकड़ों को समय के साथ अपडेट किया जा रहा है। Reuters ने आज की रिपोर्ट में नेपाल और तिब्बत में कुल मृतकों की संख्या 550 से अधिक और करीब 1,000 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। इस लेख में जानिए नेपाल में बाढ़ क्यों आई, फ्लैश फ्लड कैसे बनी, भारतीय नागरिकों की क्या स्...