ईरान, जिसे प्राचीन काल में फ़ारस (Persia) कहा जाता था, दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है। इसकी संस्कृति, इतिहास और परंपराओं में ऐसी कई बातें हैं जो आपको चौंका देंगी। आइए जानते हैं ईरान के कुछ सबसे अनोखे तथ्य। 1. 7,000 साल पुरानी सभ्यता:- ईरान की सभ्यता लगभग 7,000 साल पुरानी मानी जाती है। यहाँ के पुरातात्विक स्थल इस बात के प्रमाण हैं कि हज़ारों साल पहले भी यहाँ विकसित शहर और संस्कृति मौजूद थी। 'पर्सेपोलिस' जैसे ऐतिहासिक स्थल आज भी दुनिया भर के पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। 2. दुनिया की पहली डाक व्यवस्था प्राचीन फ़ारसी साम्राज्य (हख़ामनी साम्राज्य) में दुनिया की शुरुआती और संगठित डाक सेवाओं में से एक थी। सम्राट डेरियस के समय बनी 'रॉयल रोड' पर घुड़सवार संदेशवाहक संदेश पहुँचाते थे। 3. विश्व का पहला मानवाधिकार दस्तावेज़ 'साइरस सिलिंडर' को अक्सर मानवाधिकारों की शुरुआती घोषणाओं में गिना जाता है। फ़ारसी सम्राट साइरस महान ने इसमें धार्मिक सहिष्णुता और लोगों की स्वतंत्रता की बात कही थी। इसकी प्रतिकृति संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भी रखी गई है। 4. ज़मीन के नीचे क...
हिमालय क्या है और यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है? परिचय :- भारत के उत्तरी छोर पर एक ऐसी पर्वत श्रृंखला खड़ी है जो न सिर्फ दुनिया की सबसे ऊंची चोटियों का घर है, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित करती है। जी हां, हम बात कर रहे हैं हिमालय की। संस्कृत में "हिम" यानी बर्फ और "आलय" यानी घर — यानी हिमालय का शाब्दिक अर्थ है "बर्फ का घर"। यह विशाल पर्वतमाला करीब 2,400 किलोमीटर लंबी है और भारत, नेपाल, भूटान, चीन (तिब्बत) और पाकिस्तान जैसे पांच देशों में फैली हुई है। लेकिन हिमालय सिर्फ एक भौगोलिक संरचना भर नहीं है। यह भारतीय उपमहाद्वीप की जलवायु, जल आपूर्ति, कृषि, अर्थव्यवस्था और संस्कृति की रीढ़ है। अगर हिमालय न होता, तो शायद भारत का भूगोल, मौसम और यहां तक कि इतिहास भी बिल्कुल अलग होता। आइए विस्तार से समझते हैं कि हिमालय आखिर है क्या, यह कैसे बना, इसके कितने हिस्से हैं और यह हमारे लिए इतना महत्वपूर्ण क्यों है। हिमालय का निर्माण कैसे हुआ ? हिमालय की कहानी शुरू होती है आज से लगभग 5 करोड़ साल पहले। उस समय भारतीय भूभाग एक अलग टेक्टोनिक प्लेट...