नेपाल में 26 अगस्त 2026 को आई भीषण फ्लैश फ्लड ने हिमालयी क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी है। नेपाल-चीन सीमा के पास अचानक आई बाढ़ और मलबे के तेज बहाव ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है और बड़ी संख्या में लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा ने भारत में भी चिंता बढ़ा दी है क्योंकि कई भारतीय नागरिक नेपाल और मानसरोवर यात्रा के दौरान प्रभावित क्षेत्र में मौजूद थे। भारतीय अधिकारियों और नेपाल में भारतीय दूतावास की ओर से प्रभावित भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और उन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। आज 28 अगस्त 2026 को नेपाल फ्लैश फ्लड की स्थिति लगातार चर्चा में है। अलग-अलग रिपोर्टों में मृतकों और लापता लोगों की संख्या में लगातार बदलाव की जानकारी सामने आ रही है, इसलिए आंकड़ों को समय के साथ अपडेट किया जा रहा है। Reuters ने आज की रिपोर्ट में नेपाल और तिब्बत में कुल मृतकों की संख्या 550 से अधिक और करीब 1,000 लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। इस लेख में जानिए नेपाल में बाढ़ क्यों आई, फ्लैश फ्लड कैसे बनी, भारतीय नागरिकों की क्या स्...
थाईलैंड को Tourism Hub क्यों कहा जाता है? जानिए 30 बड़े कारण थाईलैंड दक्षिण-पूर्व एशिया का एक ऐसा देश है जिसने पर्यटन के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। खूबसूरत समुद्र तट, नीला समुद्र, सैकड़ों द्वीप, प्राचीन मंदिर, बौद्ध संस्कृति, स्वादिष्ट भोजन, रोमांचक गतिविधियां, आधुनिक शहर, शानदार होटल, नाइट मार्केट और रंग-बिरंगे त्योहार—ये सभी मिलकर थाईलैंड को एक प्रमुख Tourism Hub बनाते हैं। हर साल दुनिया के अलग-अलग देशों से लाखों पर्यटक यहां छुट्टियां मनाने, समुद्र तटों का आनंद लेने, धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को देखने, शॉपिंग करने, एडवेंचर गतिविधियों में भाग लेने और स्थानीय संस्कृति को करीब से समझने पहुंचते हैं। 2025 में थाईलैंड में लगभग 3.30 करोड़ अंतरराष्ट्रीय पर्यटक पहुंचे और देश ने पर्यटन से लगभग 2.70 ट्रिलियन थाई बहत का राजस्व अर्जित किया। भारत से आने वाले पर्यटकों की संख्या भी लगभग 24.87 लाख रही, जो 2024 की तुलना में 16.82% अधिक थी। लेकिन सवाल यह है कि आखिर थाईलैंड में ऐसा क्या है, जो इसे दुनिया के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल करता है? आइए विस्तार से समझते हैं। थाई...